NEW DELHI WEATHER
Breaking News
prev next

दिल्ली-NCR में इतनी गर्मी क्यों है? सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

हरीकरण की दौड़ में दिल्ली-एनसीआर के इलाके हीट आइलैंड में तब्दील होते जा रहा हैं. यहां थोड़ी दूरी पर तापमान में बड़ा अंतर आ जाता है.

दिल्ली-NCR गर्मी से बेहाल है, सबको इंतजार है तो मॉनसून की बारिश का. क्योंकि, आग में झुलसती दिल्ली को अब मॉनसून की झड़ी ही सुकून दे सकती है. अभी दिल्ली-एनसीआर का तापमान करीब 40 डिग्री के आसपास है. सड़कों से लेकर छतें तक तप रही हैं. धूप की इस तपिश में निकलना मुश्किल है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि दिल्ली-एनसीआर का यह हाल किस वजह से है. दरअसल, शहरीकरण की दौड़ में दिल्ली-एनसीआर के इलाके हीट आइलैंड में तब्दील होते जा रहा हैं. यहां थोड़ी दूरी पर तापमान में बड़ा अंतर आ जाता है.

हीट आईलैंड में तब्दील दिल्ली-एनसीआर
बता दें, दिल्ली-एनसीआर की आबादी करीब 2.5 करोड़ है. पिछले एक दशक में तेजी से दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों का शहरीकरण हुआ है. इस शहरीकरण की कीमत दिल्ली को अब चुकानी पड़ रही है. दिल्ली के कई इलाके अर्बन हीट आइलैंड में बदल गए हैं. जी बिजनेस ने दिल्ली के दिल में धधकती इस आग का रियलिटी चेक किया.

हां हुआ रियलिटी चेक
जी बिजनेस ने दिल्ली-NCR में ही अपना रियलिटी चेक किया है, जहां तापमान दूसरे इलाकों के मुकाबले 10 डिग्री ज्यादा रहता है. हालात ये हैं कि दिल्ली-एनसीआर में ही अलग-अलग जगहों पर आपको अलग-अलग तापमान मिल जाएगा. कहीं झुलसा देने वाली गर्मी है तो कहीं आप ठंडक महसूस कर सकते हैं. नोएडा सेक्टर-40 में दोपहर 12.30 बजे करीब 38 डिग्री तापमान है. हालांकि, यह इलाका काफी हरा-भरा है. वहीं, नोएडा के ही सेक्टर-29 में करीब 12.45 बजे का तापमान 43 डिग्री पाया गया. मतलब यह है कि सेक्टर 40 के तापमान से 5 डिग्री ज्यादा.

वहीं, नोएडा सेक्टर-38 में काफी ग्रीन एरिया है. सड़क के दोनों ओर हरे-भरे पेड़ हैं तो सड़के बीच में डिवाइडर पर भी पेड़ों की अच्छी खासी संख्या है. यहां का तापमान भी इस झुलसा देने वाली गर्मी में 38 डिग्री है. अब बात करें नोएडा सेक्टर 107 की तो यहां कंक्रीट का जंगल है, ऊंची-ऊंची इमारतें हैं और यहां तापमान भी इमारतों जितना ऊंचा ही निकला. ऐसे में प्राधिकरण से लेकर लोगों को भी हरियाली का ख्याल रखना होगा.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*


3 × 1 =

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.